पुणे: महाराष्ट्र की सियासत में इन दिनों इस बात की चर्चा तेज है कि उद्धव की शिवसेना (UBT) और राज ठाकरे की एमएनएस साथ-साथ आ सकते हैं। दोनों दलों के नेताओं के इस संबंध कई बयान आ चुके हैं। कल खुद उद्धव ठाकरे ने भी मीडिया के सवालों का कुछ ऐसा जवाब दिया जिसमें इस बात के संकेत छिपे हैं कि उद्धव और राज दोनों में सुलह हो सकती है और दोनों राजनीति में एक साथ आ सकते हैं।
सुप्रिया सुले ने फैसले का किया स्वागत
वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) की नेता सुप्रिया सुले ने कहा, मैं इस फैसले का स्वागत करती हूं। वे एक परिवार हैं और बालासाहेब की विशाल विरासत का हिस्सा हैं। अगर वे एक साथ आकर विरासत को आगे बढ़ाते हैं, तो यह हमारे लिए खुशी का पल होगा।”
राहुल गांधी के बयान पर जानें क्या कहा?
वहीं जब सुप्रिया सुले से लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के ‘नरेंद्र-आत्मसमर्पण’ वाले बयान पर उन्होंने कहा, “मैं अभी-अभी विदेश से वापस आई हूं। आंतरिक सुरक्षा को लेकर बहुत सारे मुद्दे हैं। संसद सत्र के दौरान हम इन सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे।”
संदेश नहीं सीधे खबर देंगे-उद्धव
इससे पहले शुक्रवार को उद्धव ठाकरे ने गठबंधन की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर कहा था कि महाराष्ट्र की जनता जो चाहेगी वही होगा, हम कोई संदेश नहीं देंगे सीधे खबर देंगे। दरअसल, पिछले साल हुए विधानसभा चुनाव में यहां भारतीय जनता पार्टी सबसे ज्यादा सीटें जीतने में कामयाब रही थी और ठाकरे परिवार बड़ा प्रभाव नहीं डाल पाया था। ऐसे में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे एक बार फिर साथ नजर आ सकते हैं। राज ठाकरे की महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना और उद्धव ठाकरे की शिवसेना यूबीटी के नेता लगातार दोनों नेताओं के साथ आने को लेकर बयानबाजी कर रहे हैं।
शिवसेना से कब अलग हुए थे राज ठाकरे?
बता दें कि एमएनएस नेता राज ठाकरे पहले शिवसेना में ही थे लेकिन कुछ मतभेदों के चलते उन्होंने 27 नवंबर 2005 को शिवसेना से अलग होने की घोषणा की थी। इसके बाद, 9 मार्च 2006 को उन्होंने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) की स्थापना की थी।
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